Video - नीतीश को किनारे लगाने वाले हाथ, निशांत का कब तक देंगे साथ

 

नई दिल्ली। बिहार की तकदीर का फैसला अगले 48 घंटे में हो जाएगा। पटना में चल रही हलचलें बता रही हैं कि 14 अप्रैल को जनता दल यूनाइटेड के विधायकों की बैठक होने जा रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी अपने नेता का चुनाव करेंगे। पार्टी ने बतौर ऑब्जर्वर वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को मंगलवार को पटना में रहकर आगे की कार्रवाई पूरी करने की जिम्मेदारी दी है। इन सब के बीच सवाल यह उठ रहा है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने की पटकथा लिखने वाले हाथ उनके पुत्र निशांत कुमार का कब तक और कहां तक साथ देंगे।

बीते मार्च महीने में पटना में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला और नीतीश कुमार ने राज्यसभा में जाने का फैसला कर लिया। बताया गया कि अब वह दिल्ली की राजनीति करेंगे। तभी यह साफ हो गया कि भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रही हैं। जैसे भी, जिसके भी द्वारा नीतीश कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के लिए तैयार किया गया हो, उनके समर्थक और पार्टी के अधिकांश नेता इस फैसले से खुश नजर नहीं आए। जदयू में तब यह आवाज और जोर से उठी कि निशांत कुमार को अपने पिता के सामने पार्टी और सरकार की कमान संभालने की जिम्मेदारी पूरी करनी चाहिए। जदयू कार्यकर्ताओं और नेताओं के निशांत कुमार को पार्टी में लाने के बढ़ते दबाव के बीच नीतीश के बेटे ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

निशांत कुमार उसके बाद से लगातार पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। उनसे बात कर रहे हैं। मीडिया में आए उनके बयान बताते हैं कि वह पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं। पर, यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद 14 और 15 अप्रैल को पटना में जो सियासी परिदृश्य बनने के आसार नजर आ रहे हैं, क्या उसमें निशांत कुमार की प्रभावी भूमिका दिखेगी? निशांत कुमार डिप्टी सीएम बनाये जा रहे हैं? या उन्हें भाजपा और जदयू के साथ राज्य में सत्ता संभाल रहे अन्य सहयोगी दलों की सरकार में कोई ऐसी हैसियत दी जा रही है, जो नीतीश कुमार के पटना छोड़कर दिल्ली जाने से दुखी कार्यकर्ताओं-नेताओं के मन-आत्मा को संतुष्ट कर सके। 

फिलहाल बिहार की सियासत के लिए महत्वपूर्ण अगले 48 घंटों में यह साफ हो जाएगा कि भाजपा राज्य में अपना मुख्यमंत्री किसे बनती है। और जदयू का भविष्य आने वाले दिनों में क्या होगा। निशांत कुमार सियासत की ए,बी,सी, डी सीखते हुए कहां तक और कब तक चल पाएंगे। या फिर जदयू नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद एक इतिहास बनने जा रहा है।

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