राहुल बोले, भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ही असली चुनौती
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को केरलम में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि प्रदेश में एलडीएफ व भाजपा के बीच छुपा हुआ गठजोड़ है और दोनों मिलकर यूडीएफ को कमजोर करना चाहते हैं। भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ही असली चुनौती है, इसलिए वह सत्तारूढ़ एलडीएफ के पक्ष में है।
कांग्रेस पार्टी की तरफ से बयान जारी कर राहुल गांधी के केरलम दौरे के संबंध में मीडिया को जानकारी दी गई। केरलम के अडूर, पथानामथिट्टा और कोट्टायम की जनसभाओं में राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में विपक्षी नेताओं को हमलों, धमकियों और केंद्रीय जांच एजेंसियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सवाल किया कि केरलम के मुख्यमंत्री पर भाजपा का कोई दबाव क्यों नहीं है या एलडीएफ नेताओं से कोई पूछताछ क्यों नहीं हो रही है, जबकि सब जानते हैं कि एलडीएफ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) का नेतृत्व भ्रष्ट है।
कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लेफ्ट फ्रंट के नेताओं द्वारा सबरीमाला मंदिर से सोना चोरी करने के मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री विजयन के राज में सबरीमाला मंदिर की लूट पर मोदी चुप क्यों हैं? उन्होंने इसका कारण भाजपा-एलडीएफ के बीच नापाक गठजोड़ को बताया।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि एलडीएफ अपने कामों और नीतियों से भाजपा की तरह ही कॉर्पोरेट-परस्त बन गया है। उन्होंने कहा कि एलडीएफ सरकार गरीबों, रबर किसानों और मजदूरों की अनदेखी कर रही है। एलडीएफ को न तो श्रमिकों की परवाह है और न ही रबर उद्योग की; वह तो बस बड़े व्यापारियों के साथ अपने रिश्ते बनाए रखने में ही खुश है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार तभी मिलेगा जब ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन केरलम’ पर जोर दिया जाए।
सरकार बनने पर इन सुविधाओं को देने का वादा किया
कांग्रेस नेता ने जनता से यूडीएफ उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की। उन्होंने यूडीएफ की गारंटियां बताते हुए कहा कि यूडीएफ की सरकार आने पर राज्य परिवहन निगम की बसों में सभी महिलाओं को मुफ्त बस सफर की सुविधा मिलेगी। कॉलेज की छात्राओं को हर महीने एक हजार रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। वेलफेयर पेंशन बढ़ाकर तीन हजार रुपये की जाएगी। 25 लाख रुपये के बीमा कवर वाली नई हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम लागू की जाएगी। युवाओं को अपना व्यापार शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये तक का बिना ब्याज का ऋण मिलेगा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समर्पित मंत्रालय का गठन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रबर किसानों और मजदूरों की रक्षा करना यूडीएफ की प्रतिबद्धता है। सरकार बनने पर उन्हें तकलीफ नहीं होने दी जाएगी, संकट के समय उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें