कोर्ट ने मासूमों के पोर्न वीडियो बनाने वाले दंपति को सुनाई फांसी की सजा
- दोषी राम भवन बांदा के जलकल विभाग में करता था जूनियर इंजीनियर की नौकरी
- उसकी पत्नी दुर्गावती मासूम बच्चों को फांस कर लाती थी अपने पति के पास
- दंपति दुष्कर्म वाले पोर्न वीडियो और फोटो बनाकर बेचते थे इंटरनेशनल मार्केट में
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में राम भवन और उसकी पत्नी दुर्गावती के कारनामों का सवा पांच साल पहले खुलासा होने पर पूरे देश में हंगामा मच गया था। मासूमों के पोर्न वीडियो और फोटो बनाकर उन्हें इंटरनेशनल मार्केट में ऑनलाइन बेचने का काला धंधा करने के दोषी इस दंपति को अब जिले के पास्को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।
राम भवन और उसकी पत्नी दुर्गावती के गंदे कामों का खुलासा एक व्यक्ति की इंटरपोल के माध्यम से अक्टूबर 2020 में सीबीआई को शिकायत करने के बाद हुआ था। शिकायतकर्ता ने मासूम बच्चों के पोर्न वीडियो और फोटो सीबीआई को भेजे थे। उसके दिए गए सबूतों और शिकायत के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी।
सीबीआई ने तब बांदा के जलकल विभाग में कार्यरत जूनियर इंजीनियर राम भवन को इस मामले में पकड़ा था। सीबीआई को अपनी छानबीन में एक पेन ड्राइव में करीब तीन दर्जन बच्चों के पोर्न वीडियो और तकरीबन 700 अश्लील फोटो मिले थे। जांच में यह भी सामने आया कि जूनियर इंजीनियर राम भवन की पत्नी दुर्गावती मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसा कर अपने पति तक लाती थी और फिर राम भवन उन बच्चों से दुष्कर्म करके वीडियो और फोटो बनाता था।
दोनों पति-पत्नी इन पोर्न वीडियो और फोटो को इंटरनेट के माध्यम से इंटरनेशनल मार्केट में ऑनलाइन बेचते थे। पास्को कोर्ट ने सीबीआई के तथ्यों के मद्देनजर घिनौना धंधा करने वाले इस दंपति को फांसी की सजा सुनाई है।

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