लालू ने तेजस्वी को पार्टी भी सौंपी
पटना। राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने अपने छोटे बेटे तेजस्वी यादव को पार्टी की कमान सौंपी। रविवार को बिहार की राजधानी में हुए इस कार्यक्रम में मंच पर दूसरी पंक्ति में लालू की बड़ी बेटी सांसद मीसा भारती भी मौजूद थीं। उन्हें अपने पिता लालू की इस सियासी विरासत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। मां राबड़ी देवी तथा अन्य वरिष्ठ पार्टी नेताओं की मौजूदगी में तेजस्वी को आरजेडी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष घोषित किया गया।
बिहार के डिप्टी चीफ मिनिस्टर रह चुके तेजस्वी अभी बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। बिहार के विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करके आरजेडी गठबंधन के साथियों के साथ मैदान में उतरी थी, परंतु मात्र 25 सीटों पर सिमट कर रह गई। बिहार में भारी हार के बावजूद लालू ने तेजस्वी को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित करते हुए यह साफ कर दिया है कि आरजेडी पूरी तरह से उनके छोटे बेटे की अगुवाई में ही आगे का भविष्य तय करेगी।
लालू प्रसाद ने हाल ही हुए बिहार विधानसभा चुनाव से पहले अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को घर और पार्टी से निकाल दिया था। तेज प्रताप ने घर से निकाले जाने के बाद अपनी पार्टी जेजेडी (जनशक्ति जनता दल) बनाई और चुनाव मैदान में उतरे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। तेजस्वी ने विधानसभा चुनाव में अपने भाई के सामने आरजेडी का प्रत्याशी खड़ा कर दिया था और तेज प्रताप तीसरे नंबर पर पहुंच कर चुनाव हार गए।
अभी मकर संक्रांति के समय तेज प्रताप के आवास पर 14 जनवरी को आयोजित दही-चूड़ा के कार्यक्रम में लालू प्रसाद पहुंचे। उन्होंने अपने बड़े बेटे को आशीर्वाद भी दिया था। लालू के अपने बड़े बेटे के घर पर पहुंचने को लेकर कई कयास लगाए जा रहे थे किंतु तेजस्वी की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर ताजपोशी होने के साथ ही उस पर विराम लग गया है। हालांकि सियासी जानकार यह कह रहे हैं कि परिवार में अन्य सदस्य आरजेडी में अपने प्रभाव तथा पार्टी में अपने दखल को बनाए रखने के लिए खामोश नहीं बैठेंगे।

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