बिहार में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी बने डिप्टी सीएम
- राज्यपाल फागू चौहान ने दोनों नेताओं को राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई
पटना/नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार ने मंगलवार को इस्तीफा देने के 24 घंटे के अंदर ही बुधवार को आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उनके साथ राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी शपथ ली। तेजस्वी महागठबंधन की सरकार में उप मुख्यमंत्री होंगे। राज्यपाल फागू चौहान ने दोनों नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से नाता तोड़ने के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें सात दलों के महागठबंधन के विधायकों ने अपना नेता चुना और फिर सभी के समर्थन से उन्होंने नयी सरकार बनाने का दावा पेश किया था। करीब 21 महीने बाद दोबारा बिहार में सरकार बनाने वाले महागठबंधन के साथ 164 विधायक हैं। इनमें आरजेडी के 79, जेडीयू के 45, कांग्रेस के 19, भाकपा माले के 12, सीपीआई और सीपीएम के दो-दो विधायकों के अलावा एक निर्दल विधायक शामिल हैं।
राजभवन में मुख्यमंत्री के बाद तेजस्वी ने पद की शपथ ली और नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें गले लगा लिया। गठबंधन के तमाम नेताओं ने दोनों नेताओं को बधाई दी। शपथ ग्रहण समारोह में लालू प्रसाद यादव का पूरा परिवार मौजूद था। बुधवार को सिर्फ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने ही शपथ लिया है। महागठबंधन की सरकार में अन्य नेताओं को मंत्री पद की शपथ विधानसभा में विश्वास मत प्राप्त करने के बाद दिलाई जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष पद पर आरजेडी और जेडीयू में मामला होना है तय
मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले मंत्रियों और उसके विस्तार के बारे में रणनीति तय हो चुकी है। संख्या के अनुपात में गठबंधन में शामिल दलों को हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। राजद को जहां अधिकतम 20 मंत्री मिल सकते हैं, वहीं जदयू की हिस्सेदारी 13-14 मंत्रियों की हो सकती है। कांग्रेस को 04 और जीतन राम मांझी के ‘हम’ और निर्दलीय को 1-1 मंत्री पद मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष को लेकर जदयू से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के नाम की चर्चा है। आरजेडी से अवध बिहारी चौधरी का नाम सामने आया है।
नीतीश बोले, 2014 वाले 2024 में नहीं रहेंगे
नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के बाद पत्रकारों से खुलकर बातचीत की। उन्होंने बिना नरेंद्र मोदी का नाम लिये हुए निशाना साधा और कहा कि सन 2024 में हम रहें या ना रहें, 2014 वाले नहीं रहेंगे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर भी इशारों में निशाना साधते हुए कहा कि जिनको लगता है, विपक्ष खत्म हो जाएगा तो हम लोग विपक्ष में आ गए हैं।
बोले, प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई दावेदारी नहीं है
उन्होंने साफ किया कि मेरी प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई दावेदारी नहीं है। उनका कहना था कि पार्टी के लोगों में काफी असंतोष था। अलग होने के लिए कहा और हम अलग हो गए।
भाजपा ने धरना दिया
भाजपा ने शपथ ग्रहण के मौके पर पटना समेत कई जगहों पर नीतीश कुमार के खिलाफ धरना दिया। भाजपा की ओर से विश्वासघात दिवस मनाया गया।



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