अफगानिस्तान में गुरुद्वारे पर हमले में दो लोग घायल


  • राजधानी काबुल का कार्ते परवान इलाका है अफगान हिंदू और सिख समुदायों का केंद्र

नई दिल्ली। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को एक गुरुद्वारे में कई विस्फोट हुए और गोलीबारी भी हुई, जिसमें कम से कम दो लोग घायल हो गए। यह घटना जहां हुई है वह कार्ते परवान गुरुद्वारा जिस क्षेत्र में स्थित है, वह अफगान हिंदू और सिख समुदायों का केंद्र है।

एक समाचार चैनल टोलो न्यूज ने धमाके का वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया कि विस्फोट काबुल के कार्ते परवान इलाके में हुआ और इलाके में गोलीबारी की भी खबर है। टोलो न्यूज की खबर के अनुसार देश के गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अज्ञात हमलावरों ने इलाके में घुसने की कोशिश की, जिसमें दो लोग घायल हो गए।

इस बीच भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट किया कि हम काबुल शहर में एक पवित्र गुरुद्वारे पर हुए हमले की घटना से बहुत चिंतित हैं। हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं और आगे की घटना के बारे में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट में कहा कि गुरुद्वारा कार्ते परवान पर कायरतापूर्ण हमले की कड़ी शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। हमले की खबर मिलने के बाद से हम घटनाक्रम पर करीब से नजर रखे हुए हैं। हमारी पहली और सबसे महत्वपूर्ण चिंता समुदाय के कल्याण के लिए है।

एक अन्य समाचार एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार तालिबान के गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त प्रवक्ता अब्दुल नफी ताकोर ने इस हमले की पुष्टि की है।हालांकि गुरुद्वारे पर हुए इस हमले की फिलहाल किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

महत्वपूर्ण बात यह कि अतीत में इस्लामिक स्टेट इन खोरासन आईएसके अफगानिस्तान में मस्जिदों और अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ले चुका है। वहीं, चीन के एक स्थानीय समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा कि हमने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब छह बजे कार्ते परवान इलाके में विस्फोट की आवाज सुनी। पहले विस्फोट के लगभग आधे घंटे के बाद दूसरा विस्फोट हुआ। उसने बताया कि सुरक्षाबलों ने एहतियात के तौर पर इलाके की घेराबंदी कर दी है। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक विस्फोट के कारण आसमान में धुएं का गुबार फैल गया। हमले के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। उसने कहा कि विस्फोट में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका है। 

पहले भी हो चुका है हमला 

सिख समुदाय के नेताओं का अनुमान है कि तालिबान शासित अफगानिस्तान में सिर्फ 140 सिख बचे हैं, जिनमें से ज्यादातर पूर्वी शहर जलालाबाद और राजधानी काबुल में हैं। इससे पहले मार्च 2020 में काबुल के एक गुरुद्वारे में हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 25 सिख मारे गए थे और आठ अन्य घायल हुए थे। यह हमला अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक सिख समुदाय पर हुए सबसे घातक हमलों में से एक था।


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